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न्यूयॉर्क: आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वरादकर समेत भारतीय मूल के पांच लोग फार्चून की 40 युवा और प्रभावी लोगों की सूची में शामिल किये गये हैं. सूची में उन लोगों को जगह दी गई है जिन्होंने अपने काम से अन्यों को प्रोत्साहित किया. फार्चून की 2017 '40 अंडर 40' सूची सर्वाधिक प्रभावी युवा लोगों की सालाना सूची है. ये वे लोग हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है और अपना काम कर रहे हैं. पत्रिका ने ऐसे लोगों को नवप्रर्वतक, विद्रोही और कलाकार तथा अन्य को प्रोत्साहित करने वाला बताया.

सूची में फ्रांस के 39 साल के राष्ट्रपति एमानुएल मैक्रोन पहले पायदान पर हैं. यह नेपोलियन के बाद सबसे युवा नेता हैं जिन्होंने मई में राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की. सूची में भारतीय मूल के लोगों में 26 साल की दिव्या नाग, 31 साल के ऋषि शाह, शारदा अग्रवाल (32) तथा सैमसोर्स की सीईओ तथा संस्थापक लीला जाना शामिल हैं.

दिव्या नाग
एपल की महत्वकांक्षी रिसर्चकिट और केयर किट कार्यक्रम को देखती हैं और संबंधित लोगों को स्वास्थ्य संबंधित एप के विकास के लिये प्रोत्साहित करती हैं. ऋषि शाह तथा तथा शारदा अग्रवाल 10 साल से अधिक समय से स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी आउटकम हेल्थ का जिम्मा संभाल रही हैं. सूची में दिव्या 27वें स्थान पर हैं. फार्चून के अनुसार, दिव्या ने स्टेम सेल शोध स्टार्टअप की स्थापना की और चिकित्सा क्षेत्र में निवेश को गति दी. सूची में शाह तथा शारदा 38वें स्थान पर हैं. दोनों ने 40,000 से अधिक डॉक्‍टरों के कार्यालयों में टच स्क्रीन और टैबलेट लगाया जो संबंधित चिकित्सा सूचना तथा संबंधित जानकारी देता है.

लियो वरादकर
38 वर्षीय वरादकर सूची में पाचवें पायदान पर हैं. उनके पिता का जन्‍म भारत में हुआ था. फार्चून के अनुसार आयरलैंड में काफी प्रवासी हैं लेकिन उसके नये प्रधानमंत्री का व्यक्तित्व अलग है. वह मुंबई से यहां आये प्रवासी हिंदू परिवार के हैं. पूर्व में डॉक्‍टर रहे वरादकर आयरलैंड के सबसे युवा नेता हैं.

लीला जाना
फार्चून की सूची में लीला 40वें स्थान पर हैं. भारतीय प्रवासी की पुत्री लीला का गैर-सरकारी संगठन सैमासोर्स इस साल 1.5 करोड़ डालर हासिल करने के रास्ते पर है. वह वैश्विक स्तर पर गरीबी समाप्त करने के लिये काम पर जोर देती हैं न कि परमार्थ कार्यों पर.

सूची में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग दूसरे स्थान पर हैं. उनके बाद एयरबीएनबी के के मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा सह-संस्थापक ब्रायन चेसकी, नाथन ब्लेचारासाइक, जोइ गेबिया चोथे तथा टेनिस स्टार सेरेना विलयम्स सातवें स्थान पर हैं.



नवंबर से केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाह इलेक्ट्रिक सेडान कारों में घूमते दिखेंगे। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल की खपत करने वाले भारत ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में शामिल होने का फैसला किया है। इसके लिए 10,000 बैटरी संचालित कारों और एनसीआर में 4,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वैश्विक बोलियां लगाई गई हैं।

सरकारी पॉवर यूटिलिटी कंपनी एनर्जी एक्सीसिबिलिटी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इसके लिए टेंडर जारी किया है और शुक्रवार को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जाएगा। केंद्रीय बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सरकारी विभागों के साथ इस काम को शुरू करेंगे।

ईईएसएल और पेट्रोलियम पंपों ने एनर्जी एफिशिएंट एलईडी बल्बों की पेट्रोल पंपों से बिक्री के लिए एमओयू पर बुधवार को हस्ताक्षर किए हैं। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि कंपनी पहले चरण के तहत छह महीने के अंदर चार दरवाजों वाली 1000 इलेक्ट्रिक विहिकल खरीद लेगी। इन कारों को एक बार चार्ज करने के बाद वे 120 से 150 किमी तक चलेंगी।

उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बताया कि हम ईवी, ड्राइवर और मेंटिनेंस की सुविधा मुहैया कराएंगे। इसलिए सरकारी विभागों के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा क्योंकि उन्हें सेवाएं मिलना जारी रहेंगी। पुरानी व्यवस्था की तुलना में इस पर संभवतः 5,000 रुपए का खर्च कम होगा और प्रदूषण में कमी में भी योगदान दिया जा सकेगा।

आतंकवाद से लेकर धार्मिक आजादी जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान दुनियाभर में बेनकाब होता जा रहा है. अब अमेरिका ने खुले तौर पर कहा है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की आजादी खतरे में है.

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक आजादी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सिख, ईसाई और हिंदू जैसे अल्पसंख्यक जबरन धर्मांतरण के डर में रहते हैं.

इसके अलावा पाकिस्तान में हुक्मरानों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर हिंदू, सिख और ईसाइयों की आजादी सुनिश्चित करने वालों कानूनों पर सही ढंग से अमल नहीं किया जा रहा है.

'धर्मांतरण रोकने में सरकार फेल'

रिपोर्ट में पाकिस्तान सरकार को सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. रिपोर्ट में पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों का हवाला देते हुए बताया गया ''धार्मिक अल्पसंख्यकों की शिकायत है कि वे धर्मांतरण की समस्या को सुलझाने के लिए सरकार के अपर्याप्त कदमों को लेकर चिंतित रहते हैं.''


बता दें कि पाकिस्तान से अक्सर हिंदूओं पर हमले की खबरें आती रहती हैं. इसके अलावा हिंदू, सिख और ईसाइयों के जबरन धर्मांतरण की भी तमाम खबरें सामने आती रहती हैं. कई बार पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं.

टिलरसन ने सुषमा को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अपनी समकक्ष सुषमा स्वराज को फोन कर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. इस दौरान दोनों के बीच विदेश और रक्षा संबंधों में व्यापक तालमेल को लेकर भी बातचीत हुई.

घाटी में बिगड़ते हालातों और सुरक्षा एजेंसियों से मिले अलर्ट के बाद राज्य सरकार ने कश्मीर में पूरी तरह फेसबुक और वॉट्सएप पर पाबंदी लगा दी है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए कश्मीरियों को भड़काने की कोशिश की जा रही है.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक दहशतगर्दों की नजर अब स्कूल-कॉलेज के छात्रों पर है. वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर घाटी के हालात बिगाड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं.

बिगड़े हुए हैं घाटी के हालात
आपको बता दें कि, 9 अप्रैल को श्रीनगर, बडगाम और गांदेरबल में उपचुनाव के दौरान हिंसक झड़प हुई थी. उसके बाद से कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण है. श्रीनगर समेत कई इलाकों में सोमवार को सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी के मामले सामने आए थे. इसके बाद कई जगहों पर सुरक्षाबलों ने भीड़ को हटाने के लिए कार्रवाई भी की थी. जिसके बाद अलगाववादियों ने कई जगह पत्थरबाजी के लिए कॉलेज छात्रों को आगे किया. इस बीच, कश्मीर में सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का प्रशासन ने आदेश दिया है और इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गई थी.

बंद है मोबाइल इंटरनेट
कश्मीर घाटी में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) सहित सभी सेलुलर कंपनियों की मोबाइल इंटरनेट सेवा पिछले छह दिनों से बंद है. इसे गुरुवार को भी जारी रखा गया. दरअसल, पिछले शनिवार पुलिस कार्रवाई में पुलवामा में 60 से अधिक छात्र घायल हो गए थे. जिसके बाद घाटी के हालात बिगड़े हुए हैं.

तीसरे दिन बंद रहे कॉलेज
कश्मीर घाटी में आज तीसरे दिन कॉलेज बंद रहे, जबकि उच्च माध्यमिक विद्यालय और हाई स्कूल खुले रहे. दूसरी ओर कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) और इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईयूएसटी) ने सभी परीक्षाएं तय शेड्यूल के मुताबिक आयोजित करने का फैसला किया है. हालांकि, दोनों विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का काम आज भी निलंबित रहा क्योंकि प्रशासन के अंदर हंगामे का डर है.

नई दिल्ली: अज़ान विवाद में फंसे सोनू निगम ने फतवा जारी होने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सिर मुंडवा लिया है. इस मुद्दे पर मचे बवाल पर सफाई देने के लिए सोनू निगम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और उसी दौरान उन्होंने सिर मुंडवा कर सभी को चौका दियाआपको बता दें कि वेस्ट बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद साह अतेफ अली अल कादरी ने ये एलान किया था कि कोई व्यक्ति सोनू निगम का सिर मुंडवाएगा, फटे जूतों की माला पहनाएगा और पूरे देश में घुमाएगा तो वे उसे 10 लाख रुपए का इनाम देंगे.

सोनू निगम ने अजान विवाद पर दी सफाई
सोनू ने आज अजान विवाद पर सफाई देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. सोनू ने अपने ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अज़ान पर नहीं बल्कि लाउडस्पीकर पर सवाल उठाया था. साथ ही इस सिंगर ने ये भी साफ कर दिया है कि ऐसा बयान उन्होंने सिर्फ मस्जिदों में होने वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की वजह से नहीं बल्कि मंदिर और गुरूद्वारे के लिए भी दिया है. सोनू निगम ने कहा है कि वो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं.

आपको यहां बता रहे हैं कि सोनू निगम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा है,
मैंने अज़ान पर नहीं लाउडस्पीकर पर सवाल उठाया था. मैं नहीं चाहता कि कोई मेरी बात को गलत तरीके से ले इसलिए मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है.
मैं मुस्लिम विरोधी नहीं हूं, बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है. मेरी राय यही है कि चाहें मंदिर हो, गुरूद्वारा हो या फिर मस्जिद हो वहां पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
आप अमेरिका बनना चाहते हैं, आप ऑस्ट्रेलिया बनना चाहते हैं लेकिन वहां ऐसा नहीं होता. हर कोई कहता है कि आपको अपनी बात कहने का हक है तो ये मेरी राय है. लाउडस्पीकर धर्म का हिस्सा नहीं है. मेरे हिसाब से इसका इस्तेमाल करना गुंडागर्दी है
कोई अपने धर्म के नाम पर दादागिरी दिखाता है, लोग धर्म के नाम पर चरस पीकर नाच रहे होते हैं. ये दादागिरी नहीं है? जो लोग इसे समझ रहे हैं कि उसे इस मुद्दे को सही तरीके से पेश करना चाहिए. आपके बच्चे भी इसी माहौल में बड़े होने वाले हैं.
मैं ये नहीं मानता कि हमारा धर्म सबसे अच्छा है. मैं सारे धर्मों का सम्मान करता हूं. मुझे धर्म में विश्वास है. मैं मंदिर और गुरूद्वारे हर जगह जाता हूं. जब किसी मंदिर या मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाया जाता है तो वहां ये बताने की कोशिश की जाती है कि देखों यहां पर ये है. मेरे हिसाब से ये गुंडागर्दी है.
मैं अपने आपको सेक्युलर समझता हूं. मैं ना तो राइट विंग हूं और ना ही लेफ्ट विंग हूं. मैं जानता हूं कि मुझ जैसे लोगों की तादाद कम है. मैं जो कह रहा हूं वो आप लोगों को सही तरीके से पेश करना चाहिए. मेरे हिसाब से धर्म के नाम पर शोर मचाना गुंडागर्दी है.
कुछ गलती हुई तो मुझे माफ की जिएगा. मैंने ये बात सिर्फ समाजिक तौर पर कही है ना कि धार्मिक तौर पर. मुझे अपनी राय रखने का पूरा हक है. अगर कोई मुझसे सहमत नहीं है तो उसे कहने का भी एक तरीका है.

आपको बता दें कि सोमवार सुबह सोनू निगम ने ट्वीट किया था, ‘मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन रोज सुबह मुझे अजान की आवाज से उठना पड़ता है.’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आखिर कब भारत से ये जबरन धार्मिक भावना थोपना खत्म होगा? वैसे जब मोहम्मद ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी.’ सोनू निगम ने ये भी कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई मंदिर या गुरुद्वारा बिजली का इस्तेमाल उन लोगों को जगाने के लिए करते हैं जो उस धर्म का पालन नहीं करते. तो फिर ऐसा क्यों? गुंडागर्दी है बस.’

गुवाहाटी (जेएनएन)। करीब आठ माह पहले ओडिशा के कालाहांडी में पत्नी का शव कंधे पर लेकर 10 किलोमीटर तक ले जाने वाले दाना मांझी ने पूरी दुनिया का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित किया था कुछ ऐसी ही तस्‍वीर असम के मंजुली में दिखी जो मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का विधानसभा क्षेत्र है। मंजुली में एक शख्‍स को अपने 18 वर्षीय भाई का शव साइकिल पर ले जाना पड़ा।

टूटी सड़क के कारण गाड़ी वालों ने किया इंकार

इंडियन एक्‍सप्रेस के अनुसार, गांव की सड़क खराब होने के कारण गाड़ी वालों ने इंकार कर दिया और आखिरकार मजबूर शख्‍स ने भाई के शव को कपड़ों में लपेटकर साइकिल पर रख लिया।

जांच के आदेश

एक स्थानीय न्यूज चैनल पर तस्वीर आने के बाद मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही राज्य के उच्च पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया है।

आठ किमी की दूरी पर अस्‍पताल

युवक लखीमपुर जिले के बालिजान गांव का निवासी था। जहां से आठ किमी की दूरी पर अस्‍पताल है। मृतक के भाई ने कहा कि मंगलवार को अस्पताल में उसके भाई की मौत हो गई थी और टूटी सड़क के कारण गाड़ी वालों के इंकार के बाद वह वहां से अपने भाई का शव साइकिल में बांधकर गांव के लिए निकल पड़ा। इस मामले में मजुली के डिप्टी कमिश्नर पीजी झा ने बताया कि युवक की मौत गारामुर सिविल अस्पताल में हुई है। इस घटना पर कहा कि मृतक के गांव बालीजान में जाने के लिए ऐसी सड़क नहीं है कि वहां गाड़ी ले जाया जा सके। इस गांव में जाने के लिए बांस के अस्थायी पुल से भी गुजरना होता है।

सांस लेने में थी तकलीफ

डिप्‍टी कमिश्‍नर ने बताया सोमवार सुबह करीब 6 लोगों द्वारा युवक डिंपल दास को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे उसे साइकिल से ही लेकर आए थे और इसलिए उसके निधन के बाद परिजन साइकिल से ही ले गए जबकि डॉक्टर ने शव को ले जाने के लिए वाहन मुहैया कराने का आदेश दिया था।

बिहार के दो युवराज शादी के लिए तैयार हैं. एक हैं बिहार के स्वास्थ्य और वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव तो दूसरे हैं उनके छोटे भाई और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उनके दोनों बेटे अब शादी के लिए तैयार हैं. दोनों शादी के लायक हो गए हैं. इसलिए लड़की तलाशने का काम हम लोगों ने शुरू कर दिया है. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी दोनों पति-पत्नी अपने बेटों के लिए अच्छी बहु की तलाश में जुटे हुए हैं.

बिहार सरकार में मंत्री तेजप्रताप यादव का आज जन्मदिन भी है. तेजप्रताप 28 साल के हो गए हैं. उन्हें बधाई देने वालों का ताता लगा हुआ है. खुद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपने बेटे तेजप्रताप को जन्मदिवस की बधाईयां दी. लालू यादव ने इस अवसर पर कहा अब शादी के लायक हो ही गए हैं, हम लोगों की जिम्मेदारी शादी करा देना है, हमारा सोशल उत्तरदायी है, इसके लिए हमलोग प्रयास कर रहे हैं, आप लोग भी हर घर में जाते हैं और कोई अच्छी बच्ची हो तो बताए, कोई क्राइटेरिया नहीं है, न कोई तिलक लेना है न धन लेना है, सिर्फ परिवार अच्छा होना चाहिए, अच्छी बच्ची हो परिवार संस्कार वाला होना चाहिए, घर में बेटी का सामान हमलोग रखेंगे.
इस अवसर पर दोनों पति-पत्नी ने ऐलान किया कि वो अपने दोनों बेटे की शादी बिना दान दहेज के करेंगे. उन्हें सिर्फ अच्छी लड़की चाहिए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार से दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए लोगों से अपील की है साथ में ये भी कहा जो भी दहेज लेगा उसकी शादी में वो शामिल नहीं होंगे. लालू ने कहा दहेज कानून पहले से लागू है, दहेज लेना-देना पाप है, ऐसा नहीं की सब आदमी दहेज लेते हैं. अपने बेटे लोगों को ऐसे ही दे देते हैं लोग, बेटी की अपेक्षा रहती है कि माता-पिता के गोद में लालन पालन हुआ है तो माता पिता हमको क्या देते है, बेटी का भी हिस्सा होता है माता पिता के धन में, हमारे हिंदू एक्ट में भी है, किसी को टॉर्चर नहीं करना चाहिए, आज कल जो केस होता है दहेज का, नीतीश कुमार भी ठीक बात बोला है. 
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि उन्होंने अपने सभी बेटियों की शादी बिना दहेज के की है. इसलिए बेटे में लेने का कोई सवाल ही नहीं है उन्हें सिर्फ अच्छी लड़की चाहिए जो घर भी चलाए और बाहर भी देखें. दहेज़ को लेकर कानून और कड़ा होना चाहिए, न दहेज लें और न दहेज दें, हमलोगों ने अपनी सभी बेटी की शादी बिना दहेज के किया है, और अच्छा घर में हुआ है, कोई तुचपुचिया (टुटपुंजिया) नहीं है, संपन्न लोग है कोई कुछ नहीं बोलता है, हमलोग भी दहेज नहीं लेंगे, अच्छी लड़की चाहिए जो घर चलावे और बाहर भी देखे, जो बेटी है हमारी दामाद है उसे मान सम्मान भी दे कोई दहेज नहीं चाहिए.

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने राबड़ी देवी के बातों का समर्थन किया साथ ही कहा कि दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए नीतीश कुमार ने जो पहल की है उसका मैं स्वागत करता हूं. राबडी और लालू प्रसाद यादव की 7 बेटियां है और सभी की शादी हो चुकी है. अब शादी के लिए दोनों बेटे बचे हैं. इनकी भी जल्दी शादी करके उनकी गृहस्थी बसाने के लिए वो बेहद उत्साहित हैं.

नई दिल्ली : भारत में गर्मी के मौसम ने अपना कहर ढाना शुरू कर दिया है. तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. शुक्रवार को उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है और शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा. आम तौर पर अप्रैल के महीने में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है, लेकिन शनिवार को पारा बढ़ा और यह 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 17 अप्रैल 2016 मौसम का सबसे गर्म दिन था, इस दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. हालांकि, पिछले अप्रैल में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा था. वैसे शुक्रवार भी वर्ष का सबसे गर्म दिन था क्योंकि अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में अप्रैल 

पिछले करीब 12 साल में यह दूसरी बार हुआ है जब अप्रैल माह में 20 तारीख के पार पारा 43 डिग्री के पार पहुंचा है. इतने सालों में सिर्फ वर्ष 2009 में सिर्फ एक बार इस अवधि में तापमान में 43 डिग्री के पार पहुंचा था, लेकिन वह भी बीस अप्रैल को इसके अतरिक्त ऐसा इस बार ही हो रहा है जब 16 अप्रैल को ही गर्मी ने 43 डिग्री के आंकड़ा पार कर लिया. श




ओडिशा में एक व्यक्ति की मौत

ओडिशा में भीषण गर्मी से एक और व्यक्ति की मौत हो गई. राज्य में कई स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा. ओडिशा में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है. एक व्यक्ति की मौत के साथ अब तक इस मौसम में दो लोगों की मौत हो चुकी है. विशेष राहत आयुक्त ने एक बयान में बताया कि अंगुल जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई. ओडिशा चिलचिलाती धूप का सामना कर रहा है. राजस्थान में गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित है.

बाड़मेर में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस

उधर, राजस्थान में भी झुलसाने वाली गर्मी का प्रकोप है. राजस्थान के कई भागों में लू का प्रकोप चल रहा है. बाड़मेर सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा चूरु गंगानगर और बीकानेर में 45 डिग्री सेल्सियस का तापमान रिकॉर्ड किया गया.

मौसम विभाग के डायरेक्टर आर बिसेन के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के इलाके के ऊपर एक एंटी साइक्लोन बना है, जिसके प्रभाव से हवाएं ऊपर से नीचे की तरफ बैठ रही हैं. हवाओं के ऊपर से नीचे आने पर सतह पर वायुदाब बढ़ जाता है और इस वजह से ऐसे इलाकों में सतह का तापमान सामान्य के मुकाबले 3 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है. कुछ ऐसा ही हाल पश्चिमी राजस्थान का भी है.

गुजरात और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर

मौसम विभाग ने बताया कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ, राजस्थान के पश्चिमी हिस्से और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ जोरदार गर्मी की चपेट में हैं. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र के चंद्रपुर में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 

मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों को अभी फिलहाल भीषण गर्मी से अगले एक हफ्ते तक निजात मिलती नजर नहीं आ रही है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में 21 अप्रैल तक भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है. 

मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी शुरू

गर्म हवाएं पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को अपनी चपेट में ले रही है, जिससे इन इलाकों में जबरदस्त गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है. उधर, दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना वेदर सिस्टम काफी मजबूत हो चला है और यहां पर साइक्लोन का खतरा मंडराने लगा है. इस मजबूत वेदर सिस्टम की वजह से देश के तमाम इलाकों में हवाओं की दशा और दिशा बदल गई है. इससे इस बात की आशंका गहरा गई है कि मध्य भारत और उत्तर भारत के तमाम इलाकों में अगले चार पांच दिनों तक जोरदार गर्मी का प्रकोप देखा जाएगा.

अगले चार दिन तक रहेगा लू का प्रकोप

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन-चार दिनों तक जबरदस्त लू चलेगी. इसके अलावा खास बात यह है कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते जम्मू एवं कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के निचले इलाकों और उत्तराखंड के शिवालिक इलाके में कई जगहों पर हीट वेव कंडीशन पैदा हो सकती है.

बिहार-बंगाल में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग का कहना है कि एक ओर गर्मी की मार दिखाई देगी, तो दूसरी तरफ पूर्वी बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में अगले 24 घंटो के दौरान आंधी के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक तेज हवाओं के साथ बिजली की कड़क के बीच अंधड़ चल सकते हैं. लिहाजा इन इलाकों में लोगों को सावधान किया गया है. मौसम विभाग ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कई इलाकों में अगले 24 घंटो में 10 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है. साथ ही यहां पर समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरों के बीच तटीय इलाकों में 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लिहाजा लोगों को तटीय इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई है.

तपने लगे पहाड़

देश के अन्य भागों की तरह उत्तराखंड में भी पारे की उछाल जारी है. पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. पर्वतीय क्षेत्रों में रुद्रप्रयाग सर्वाधिक गर्म रहा. यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में तीन डिग्री अधिक था. मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटे में भी मौसम के मिजाज में कोई बदलाव नहीं आने वाला.

शुक्रवार को चार धामों में बर्फबारी के बावजूद शनिवार को पारा एक बार फिर चोटी की ओर अग्रसर होने लगा है. केदारनाथ में अधिकतम तापमान 14 डिग्री तो बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में नौ से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकार्ड किया गया. 

पौड़ी और उत्तरकाशी जैसे शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है, जबकि ऋषिकेश में 38 डिग्री. वहीं हरिद्वार में यह 39 डिग्री पर पहुंच गया. राजधानी देहरादून में पारा 35 डिग्री को पार कर गया. यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 22 अप्रैल से वर्षा की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है.

तपा हरियाणा, हिसार में पारा 44 डिग्री के पार

आग उगलती सूरज की किरणों और गर्म लू के थपेड़ों ने हिसार और इसके आसपास के इलाकों को तपती भट्ठी बना दिया है. 8 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली गर्म हवाओं के बीच हिसार में गर्मी का पारा 44 डिग्री सेल्सियस को छू गया. शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 44.1 और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा. यहां 3 दिन के भीतर ही अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से लोग बेहाल रहे. 

गर्मी ने लोगों की सेहत को भी बिगाडऩा शुरू कर दिया है. डायरिया और गर्मी से होने वाली अन्य बीमारियों से पीडि़त लोग बड़ी संख्या में अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं. हिसार, हांसी, फतेहाबाद के सिविल अस्पतालों और अग्रोहा मैडिकल के अस्पताल में इस तरह के रोगों से पीडि़त 120 लोग दो दिनों में इलाज के लिए आ चुके हैं.

खजुराहो में पारा 45 डिग्री के करीब

बुंदेलखंड की पठारी धरती पर सूरज की तपिश से लोग बेहाल हो उठे. गर्मी ने शनिवार को पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया. विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में शनिवार को 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी के साथ अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा. इससे पहले 2012 में 15 अप्रैल को 44 डिग्री के पार पारा गया था. वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस था.

सरकारी विज्ञापनों में सार्वजनिक कोष के दुरपयोग मामले में दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेश पर आम आदमी पार्टी (आप) से वसूली की कार्रवाई शुरूकर दी है। दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय ने आप संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 97 करोड़ 14 लाख 69 हजार 137 रपए का रिकवरी नोटिस जारी किया है।
देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मुख्यमंत्री को उसी के सरकारी विभाग ने पैसा देने के लिए रिकवरी नोटिस जारी किया है। विभाग ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन द्वारा दायर याचिका पर हाई कोर्ट में फैसले का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। आरोप है कि कि केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित विज्ञापन नीति का उल्लंघन किया है। अदालत के अगस्त 2016 के आदेश पर उपराज्यपाल ने विज्ञापन नीति का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय निगरानी समिति को जांच में गलत पाए विज्ञापनों पर खर्च की गई राशि का आकलन करने को कहा था।

समिति ने 16 सितंबर 2016 को रिपोर्ट सौंपी। इसमें केजरीवाल सरकार को दिल्ली से बाहर संचार माध्यमों में विज्ञापन जारी करने, विज्ञापनों में आप का जिक्र करने, अन्य राज्यों की घटनाओं पर मुख्यमंत्री के विचारों के विज्ञापन जारी करने और सरकारी विज्ञापनों में विपक्ष पर निशाना साधने का दोषी पाया गया। इन चारों श्रेणियों के विज्ञापनों पर 97 करोड़ 14 लाख 69 हजार 137 रपए के व्यय की बात कही गई। निदेशालय ने इस राशि में से 42 करोड़ 26 लाख 81 हजार 265 रुपए का भुगतान संबद्ध विज्ञापन एजेंसियों को पहले ही कर दिया था। इस कारण यह राशि तत्काल प्रभाव से सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा है।

शेष राशि 54 करोड़ 87 लाख 87 हजार 872 रपए का भुगतान अभी लंबित होने के कारण यह राशि संबद्ध विज्ञापन एजेंसियों को 30 दिन के भीतर देने को कहा है। निदेशालय ने नोटिस में विज्ञापन एजेंसियों को यह विकल्प भी दिया है कि उनके विज्ञापन की समिति द्वारा आंकी गई राशि यदि पूर्वनिर्धारित राशि से कम है तो वह इसे आम आदमी पार्टी से सीधे वसूल सकेंगी। गत माह उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकारी खर्च पर आम आदमी पार्टी और केजरीवाल की छवि चमकाने वाले विज्ञापन जारी करने के एवज में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को खर्च की गई राशि पार्टी से वसूलने को कहा था।

नमामी देवी नर्मदे सेवा यात्रा के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शराब की दुकानें बंद करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है नशे से कोई फायदा नहीं। नर्मदा मैया से 5 किमी की परिधि में स्थित शराब दुकानें बंद कर दी गईं हैं।

नशे के खिलाफ अभियान चले, हर स्कूल, धार्मिक स्थल, रिहायशी इलाकों में भी शराब दुकानें बंद होगीं। शराब की दुकानें चरणबद्ध तरीके से बंद की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने जिले में 4 गौशालाएं शुरू कराने की बात कही। उन्होंने गुरुगुफा के दर्शन और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए 1857 की क्रांति में राजा हिरदेशाह एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी बताया।

इलाहाबाद में शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं ने घेरा थाना

नीमखेड़ा हीरापुर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह फसलें और खेतों से जो उत्पादन मिल रहा है यह सब माता नर्मदा का आशीष है। बिजली-पानी सब मां ने दिया, हम स्नानकर पाप मुक्त होते है। लेकिन हमने नर्मदा मैया को क्या दिया। अमरकंटक से बड़वानी तक जंगल काट दिए, मां नर्मदा पेड़ो की जड़ो से निकलतीं हैं हमनें पेड़ों का विनाश किया, हम सब दोषी है। पेड़ो के विनाश से नर्मदा की धार कम हो गई है। जिले में पहले रेत से पानी के बुलबुले निकलते थे, हमनें क्षिप्रा, बेतवा और ताप्ती की धार टूटते देखी है। जिस दिन मां नर्मदा की धार टूट गई हमारा जीवन टूट जाएगा।




मुख्यमंत्री चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने मंच से कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा जनता की यात्रा बन गई है, नर्मदा के दोनों तरफ पेड़ लगाए जाएगें, 2 जुलाई को नर्मदा तट पर लाखों लोग पेड़ लगाएंगें। पेड़ लगेगें तो हरियाली चुनर मां को ओढ़ा देगें। उन्होंने कहा कि खेती के साथ पेड़ भी लगाएं। जो किसान पेड़ लगाएंगे उन्हें तीन साल तक सरकार मुआवजा देगी।

वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा में गंदा पानी मिल रहा है इसे रोकने सरकार एक योजना तैयार कर रही है। सब मिलकर चलेगें तो नर्मदा को प्रदूषण से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएगें।

नर्मदा संकट को उबारने वाली

कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हम नर्मदा यात्रा के प्रसंग में जुटे हैं। इस स्थान पर बहुत से ऋषि मुनि तपस्या किया करते थे। भगवान आदि शंकराचार्य ने बताया कि आत्मा में कोई भेद नहीं। जब किसी का किसी से प्रेम होता है तो वह आत्मीय होता है। इसमें बैर का कोई स्थान नहीं। व्यक्ति तृष्णाओं के पीछे भाग रहा है। अध्यात्म की शिक्षा भगवान आदि शंकराचार्य जी ने अपने गुरु से प्राप्त की। भगवान शंकराचार्य ने नर्मदाष्टक की रचना की।

उन्होंने बताया जो नर्मदा के दर्शन का करता है जल पीता है इसमें स्नान करता है वह पापमुक्त हो जाता है। नर्मदा संकट को उबारने वाली है। नदियां अनेक हैं पर परिक्रमा सिर्फ माँ नर्मदा की होती है। नर्मदा के पाषाण शंकर का रूप हो जाते हैं। जो धर्म को मानते है उन्हें लाभ मिलता है। सभी जाति के लोगों को बराबर शिक्षा मिले। हमारे हिन्दू बधाों को भी गीता रामायण पढाई जाए। शासन लोगों को धर्म से जोड़े।

जिसे भगवान का भय नही वह धर्म का पालन नही करता। गौचर भूमि को नष्ट कर दिया। गौचर भूमि से चरान होने से

रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य द्वारा भेंट में मिली गाय यह कहते हुए लौटा दी कि उन्हें गोरक्षकों से डर लगने लगा है. ना जाने गोरक्षक गोहत्या के आरोप में उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दें.

सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खान ने शंकराचार्य को लिखे एक पत्र में कहा कि वर्तमान सरकार में मुस्लिमों में एक भय का माहौल है. पत्र में उन्होंने लिखा, 'कोई भी स्वयंभू गौरक्षक मुझे या मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के लिए उसे नुकसान पहुंचा सकता है या फिर इस खूबसूरत और लाभकारी गाय की हत्या भी कर सकता है.'

उन्होंने कहा कि राजस्थान के अलवर में जो हुआ उससे साफ संदेश जाता है कि कोई भी मुस्लिम गाय न पाले. उन्होंने कहा कि अलवर में पालने के लिए गाय ले जा रहे मुस्लिम युवक पर गोरक्षकों ने पीट-पीट कर मार डाला.

गाय को वापस मथुरा भेजते समय आजम खान ने गाय के साथ किसी मुस्लिम को नहीं बल्कि पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह को भेजा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने आंखें बंद कर ली हैं और उन्हीं के इशारों पर धर्म विशेष के लोगों पर अत्याचार किए जा रहे हैं.

बता दें कि 2015 में मथुरा दौरे के दौरान गोवर्धन के शंकराचार्य के सामने उन्होंने अपनी डेयरी में गाय रखने की इचछा जाहिर की थी, तब संत ने खान को काले रंग की यह गाय उपहाल में दी थी. तभी से यह गाय और उसका बछड़ा आजम खान के तबेले में पल रहा था.

iचीन ने देश का रक्षा बजट बढ़ाने की घोषणा की है. चीनी संसद द नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की प्रवक्ता फू यिंग ने रक्षा खर्च को बढ़ाए जाने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि चीन का रक्षा खर्च देश के सकल घरेलू उत्पाद का 1.3 प्रतिशत रहेगा
चीनी संसद की प्रवक्ता ने कहा, 'हम विवादों को बातचीत और सलाह मशवरे के जरिए शांतिपूर्ण ढ़ंग से निपटाना चाहते हैं लेकिन इसी के साथ ही हमें अपनी संप्रभुता, हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्थ बनने की भी आवश्यकता है.
दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में चीन के दावों से क्षेत्र में काफी चिंता का माहौल है. पिछले वर्ष चीन ने अपना रक्षा खर्च 7.6 प्रतिशत बढ़ाया था.
यहां यह गौरतलब है कि चीन ने रक्षा खर्च बढ़ाने की घोषणा तब की है जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने देश का सैन्य खर्च 10 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने की बात कही है.
चीन के रक्षा बजट का अधिकतर भाग नौसेना के विकास में खर्च किए जाने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है. गौरतलब है कि चीन के सेना मामलों के जानकार चू यिन ने पिछले सप्ताह ग्लोबल टाइम्स में एक आलेख में कहा था कि देश के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी, खासतौर पर नौसेना के लिए खर्च में बढ़ोतरी का मकसद विदेशों में तेजी से बढ़ते देशी हितों की रक्षा करना है.



न्यू यॉर्क
अमेरिका के कैंजस में भारतीय इंजिनियर की हत्या से भारत अभी उबरा भी नहीं था कि एक और ऐसा ही मामला सामने आया है। मीडिया खबरों के मुताबिक, भारतीय मूल के एक कारोबारी की साउथ केरलाइना स्थित उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना गुरुवार रात की है। हरनिश पटेल ने रात करीब 11.24 बजे अपनी दुकान बंद की और घर के लिए निकल गए। इसके 10 मिनट बाद ही लैंकैस्टर में घर से कुछ ही फुट दूर किसी ने गोली मारकर हरनिश की हत्या कर दी।
गुरुवार रात एक महिला ने फोन कर पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने चीखने की और गोलियां चलने की आवाज सुनी है। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची, तो उसने हरनिश को उनके घर से कुछ ही फुट की दूरी पर मृत पाया। हरनिश की हत्या करने वालों को पुलिस अभी तक नहीं खोज पाई है। मामले की जांच चल रही है।स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हरनिश की हत्या को लेकर लैंकैस्टर के लोगों में काफी नाराजगी है। हरनिश की दुकान शहर के शेरिफ दफ्तर के पास ही थी। उनके परिवार में अब उनकी पत्नी और एक छोटा बच्चा है। हरनिश को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उनकी दुकान के बाहर बलून्स और फूल छोड़कर जा रहे हैं। इनमें भारतीय मूल के लोगों के अलावा बड़ी संख्या में अमेरिकी भी शामिल हैं। दुकान पर एक पोस्टर भी लटका है जिसपर लिखा है, 'परिवार में आपातकालीन स्थिति के कारण यह दुकान कुछ दिनों के लिए बंद है। असुविधा के लिए खेद है।'


इसी हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'हेट क्राइम्स' की निंदा करते हुए भारतीय इंजिनियर श्रनिवास कूचिभोतला की हत्या पर खेद जताया था। ट्रंप ने हाल के दिनों में यहूदी केंद्रों पर हुए हमलों की भी आलोचना की थी। पुलिस हरनिश पटेल की हत्या की जांच कर रही है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि यह नस्लीय नफरत के कारण हुई हिंसा का मामला नहीं लग रहा है। काउंटी प्रमुख बैरी फेले ने कहा, 'इसे नस्लीय भावना से जुड़ा मामला मानने की मेरे पास कोई वजह नहीं है।'



22 फरवरी को कैंजस में एक श्वेत अमेरिकी नागरिक ने बार में बहस होने के बाद श्रीनिवास और उनके दोस्त आलोक मदासानी को गोली मार दी थी। इस हादसे में श्रीनिवास मारे गए। आरोपी ने दोनों को 'आतंकवादी' भी कहा था। गोली चलाते हुए आतंकी ने श्रीनिवास और आलोक को अमेरिका से बाहर चले जाने को भी कहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। भारत और अमेरिका, दोनों ही देशों में इस वारदात की काफी निंदा हुई।

न्यू यॉर्क में रहने वाली एक भारतीय युवती एकता देसाई ने भी एक फेसबुक पोस्ट में अपने साथ ट्रेन यात्रा के दौरान नस्लीय दुर्व्यवहार होने की शिकायत की है। एकता ने एक विडियो भी पोस्ट किया, जिसमें एक अश्वेत अमेरिकी नागरिक उन्हें नस्लीय गालियां देता हुए दिख रहा है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय ट्रेन में कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी एकता की मदद के लिए सामने नहीं आया। एकता का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ है।

नयी दिल्‍ली : पिछले दो दशक से भारत अपनी सैन्‍य शक्ति मजबूत करने पर विशेष जोर दे रहा है. रक्षा अनुसंधान और विकास परिषद (डीआरडीओ) लगातार भारत को नयी तकनीकों से लैस मिसाइलें प्रदान कर रहा है. इसके साथ ही पिछले कुछ सालों से भारत रक्षा सौदे में सबसे आगे चल रहा है. भारत विश्‍व में हथियारों का एक बड़ा खरीदार है. आज ही भारत ने स्वदेश निर्मित सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया. इस मिसाइल से कम ऊंचाई पर आ रही किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया जा सकता है. इस मिसाइल का एक महीने से भी कम समय में दूसरी बार परीक्षण किया गया है. यह बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है. इसके अलावे भारतीय बेड़े में अग्नि सिरीज की पांच मिसाइलें हैं, वहीं अग्नि 6 मिसाइल के निर्माण को लेकर भी अनुसंधान चल रहे हैं. डीआरडीओ रक्षा मंत्रालय के अधिन आता है और यह तीनों सेनाओं के लिए हथियार विकसति करता है.
क्‍या है रक्षा अनुसंधान और विकास परिषद 


रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग के अधीन काम करता है. डीआरडीओ रक्षा प्रणालियों के डिजाइन एवं विकास के लिए समर्पित है. यह तीनों सेनाओं के लिए रक्षा सेवाओं की गुणात्मक आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर के हथियार प्रणालियों और उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम करता है. डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी, शस्त्रों, संग्राम वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग प्रणालियों, मिसाइल, सामग्री, नौसेना प्रणालियों, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन और जीवन विज्ञान शामिल है. डीआरडीओ अत्याधुनिक आयुध प्रौद्योगिकी की आवश्यकतापूर्ति के साथ-साथ समाज के लिए स्पिनऑफ लाभ देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है.भारत के पास मौजूद अस्‍त्र-शस्‍त्र 
भारत के सैन्‍य बेड़े में कई ऐसे मिसाइल और हथियार हैं जो दुश्‍मनों में हड़कंप मचाने के लिए काफी हैं. आपको बता दें कि अभीतक भारत ने किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है लेकिन हर आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया है. भारतीय सेना के बेड़े में ये हथियार मौजूद हैं. 
बैलिस्टिक मिसाइल 
बैलिस्टिक मिसाइल उस प्रक्षेपास्त्र को कहते हैं जिसका प्रक्षेपण पथ सब-आर्बिटल (बैलिस्टिक पथ) होता है. इसका उपयोग किसी हथियार (प्राय: नाभिकीय अस्त्र) को किसी पूर्वनिर्धारित लक्ष्य पर दागने के लिये किया जाता है. यह मिसाइल अपने प्रक्षेपण के पहले चरण में ही गाइड की जाती है. प्रक्षेपण के बाद इसके लक्ष्‍य में परिवर्तन संभव नहीं है. सबसे पहला बैलिस्टिक मिसाइल ए-4 था जिसे जर्मनी ने 1930 से 1940 के मध्य में विकसित किया गया था. ये मिसाइलें सतह से सतह पर मार करने की क्षमता रखते हैं. 
भारत के कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
पृथ्वी 1
पृथ्वी 2
पृथ्वी 3
प्रहार
मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
अग्नि-1
अग्नि-2
इंटरमीडिएट दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
अग्नि-3
अग्नि-4
अन्तरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल
अग्नि-5
अग्नि-6 (विकासाधीन)
सूर्या
पनडुब्बी प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल
के-15 सागारिका
के-४ एसएलबीएम (परीक्षण के दौर से)
के-5 एसएलबीएम (विकासाधीन)
सामरिक मिसाइल
शौर्य
प्रहार
क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस-1
ब्रह्मोस 2
निर्भय
शिप लांच बैलिस्टिक मिसाइल
धनुष
टैंक भेदी मिसाइल
नाग मिसाइल
अमोघा मिसाइल (विकासाधीन)
भारत के सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल
कम दूरी की मिसाइल
आकाश
त्रिशूल
मध्यम दूरी की मिसाइल
बराक 8
एंटी बैलिस्टिक मिसाइल
पृथ्वी एयर डिफेंस
एडवांस एयर डिफेंस
हवा से सतह में मार करने वाले मिसाइल
डीआरडीओ एंटी रेडिएशन मिसाइल

भारत बना रहा है 12,000 किलोमीटर मार करने वाली मिसाइल 

अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण करने के बाद भारत 12,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहा है. पूर्व में भारत ने 5000 किलोमीटर मारक क्षमता वाली मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया है. भारत की अगली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की मारक क्षमता 12,000 किलोमीटर होगी. इस प्रकार का मिसाइल तैयार करने के बाद भारत की जद में पूरी दुनिया होगी. पिछले दिनों रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में आर्मामेंट रिसर्च बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एस के सलवान ने संकेत दिये थे कि भारत 10,000 किलोमीटर से अधिक दूरी की मारक क्षमता वाला मिसाइल बनाना चाहता है. उन्‍होंने एक सम्‍मेलन के इतर कहा था, 'भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल का हाल ही में सफल परीक्षण किया है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर है. लेकिन हम आईसीबीएम विकसित करने में सक्षम हैं जो 10,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक निशाना साध सकती है.' 
इन देशों के पास है 10,000 किलोमीटर मार करने वाली मिसाइल

वर्त्तमान में अमेरिका, रूस और चीन के पास 10,000 किलोमीटर से ज्‍यादा दूरी तक मारक क्षमता वाली मिसाइल है. अमेरिका के पास परमाणु क्षमता सम्पन्न सबसे प्रमुख मिसाइल मिनुटेमन-3 है, जिसकी मारक क्षमता 13,000 किलोमीटर तक है. यह मिसाइल 500 की संख्या में 2020 के लिए सेवारत है. अमेरिका के ही पास पनडुब्बी से छोड़ी जा सकने वाली मिसाइल ट्राइडेंट डी-5 भी है, जो 12,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और 2,800 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जा सकती है.


रूस के पास आरएस-24 मिसाइल है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह 10,500 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है. यह आरटी-2यूटीटीएच टोपोल-एम का उन्नत संस्करण है, जो 1,200 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है. 


चीन के पास भी लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइलें हैं. चीन की प्रमुख अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल डीएफ-5ए की क्षमता 13,000 किलोमीटर तक माना जाता है. यह मिसाइल 3,200 किलोग्राम तक विस्फोट ले जाने में सक्षम है. चीन के पास भी पनडुब्बी से छोड़ी जा सकने वाली जेएल-2 मिसाइल है, जो 8,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.


वर्ष 2017-18 के लिये पेश किये बजट में प्रदेश के कर्मचारियों को जुलाई 2017 से सातवें वेतन आयोमध्यप्रदेश के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिये शहरी गरीबों के लिये पांच रुपये में भोजन, विधवा महिलाओं के लिये पेंशन और प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने वाला लोक लुभावन बजट बुधवार (1 मार्च) को विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री ने प्रदेश विधानसभा में अपना लगातार पांचवा बजट पेश किया। उन्होंने वर्ष 2017-18 के लिये पेश किये बजट में प्रदेश के कर्मचारियों को जुलाई 2017 से सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की घोषणा की है, हालांकि इन वेतनमानों को जनवरी 2016 से लागू किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के चार बड़े शहरों में ‘दीनदयाल रसोई योजना’ लागू की जायेगी। योजना के तहत शहरी गरीबों को पांच रुपये में भोजन की थाली मिलेगी। इसके लिये अधोसंरचना निर्माण हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मलैया ने कहा, ‘प्रदेश में वर्ष 2004-05 से राजस्व आधिक्य की स्थिति है जो कि वर्ष 2017-18 में भी अनुमानित है। वर्ष 2017-18 के लिये राजकोषीय घाटे का अनुमान 25,688.97 करोड़ रुपये का है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 प्रतिशत अनुमानित है।’ उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2017-18 के लिये कुल विनियोग राशि 1,85,564.27 करोड़ रुपये है तथा शुद्ध व्यय 1,69,954.46 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार वर्ष 2017-18 में 4596.40 करोड़ रुपये का राजस्व अधिक्य अनुमानित है।’ प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पेंशन की राशि 150 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये की है। समाज में विधवाओं की कमजोर स्थिति देखते हुये शासन ने सेवारत और पेंशन पाने वालों को छोड़कर सभी विधवाओं को पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसके लिये बजट में 1,501 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में इन्दौर एवं भोपाल हवाई अड्डों में विमान र्इंधन (एटीएफ) पर वैट की दर 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इससे इन स्थानों से हवाई यात्रा मंहगी हो जायेगी। ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो हवाई अड्डे पर एटीएफ की वैट दर यथावत 4 प्रतिशत रखी गई है जबकि क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के अन्य हवाई अड्डों पर एटीएफ पर वैट की दर 4 प्रतिशत से कम करते हुए एक प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इससे प्रदेश के अन्य स्थानों पर हवाई सेवा को बढ़ावा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट के बाद संवाददाताओं को बताया कि दीनदयाल रसोई योजना के तहत प्रांरभ में प्रदेश के चार बड़े शहरों के गरीब लोगों को 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। इस योजना को कॉर्पोरेट सामाजिक जवाबदेही :सीएसआर: कोष से संचालित किया जायेगा। बाद में योजना का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जायेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिये वित्तमंत्री ने सबसे अधिक राशि का 19,872.89 करोड़ रुपये का आवंटन स्कूली शिक्षा के लिये किया है जबकि वर्ष 2016-17 में इसके लिये 18,094.04 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। शिक्षा के अलावा बजट में उर्च्च्जा क्षेत्र में 16,801.62 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास हेतु 14,387.50 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिये 11,489.03 करोड़ रुपये और लोक निर्माण विभाग हेतु 8576.17 करोड़ रुपये का आवंटन करने का प्रस्ताव है। संपत्ति के पंजीयन में दुरुपयोग और धोखाधड़ी की रोकथाम के लिये प्रदेश सरकार ने ई-पंजीयन हेतु आधार नंबर अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों गंगासागर, कामाख्या देवी, गिरनार जी, पटना साहिब तथा मध्यप्रदेश के तीर्थ स्थानों उज्जैन, मैहर, श्रीराम राजा मंदिर, ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर तथा महेश्वर को भी जोड़ा जायेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा हेतु अनुदान राशि अधिकतम 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपए की गयी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि देश का वर्तमान सांस्कृतिक स्वरूप आदिगुरू शंकराचार्य की देन है। उनके सम्मान में ओंकारेश्वर में वेदान्त पीठ की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। देश के असंख्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग व बलिदान को स्मरण करने के लिये भोपाल में वीर भारत न्यास की स्थापना हेतु 9 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बजट में नर्मदा नदी के किनारे पौधारोपण और कृषि वानिकी के लिये कुल 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मलैया ने बताया कि शासन द्वारा प्रदेश में वर्ष 2011 से कोई भी नवीन मदिरा दुकान नहीं खोली गयी है। नर्मदा नदी की पवित्रता बनाये रखने के लिये नर्मदा नदी के पांच किलोमीटर की सीमा में आने वाली 66 मदिरा की दुकानें एक अप्रैल 2017 से बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्यमार्ग पर स्थापित 1427 मदिरा दुकानों को मार्ग से 500 मीटर की दूरी पर स्थापित किया जायेगा। नशा मुक्ति के लिये सेमिनार आयोजित किये जायेगें। उन्होंने बताया कि राज्य डाटा सेंटर के विस्तार के लिये 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना आगामी वित्तीय वर्ष से प्रारंभ की जायेगी और इसके लिये।,000 करोड़ रुपये की राशि का पृथक कोष स्थापित किया जायेगा। इस कोष हेतु 500 करोड़ का प्रावधान इस बजट में रखा गया है। इस योजना के तहत 12वीं की परीक्षा में न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र पात्र होंगे।ग के अनुसार वेतन देने की घोषणा की गई है।

पीएम मोदी सोशल मीडिया का खासे एक्टिव हैं और इसी कारण लोग अक्सर उनके सामने अपनी मांग रखते हैं. ऐसा ही एक मौका देखने को मिला शुक्रवार को जब महाशिवरात्रि के मौके पर नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में 112 फीट की शिव प्रतिमा का उद्घाटन किया था. इसी शाम शिल्पी तिवारी नाम की एक महिला ने उन्हें ट्वीट करके कहा- "मुझे आपका शिव स्टोल चाहिए." इस महिला को 21 घंटे में उनका ये खास गिफ्ट पीएम मोदी की ओर से पहुंच गया.
दरअसल पीएम मोदी ने शुक्रवार को कोयंबटूर में पूजा के दौरान भगवान शिव की तस्वीर वाला पीकॉक ब्लू कलर का स्टोल पहना था. शिल्पी के ट्वीट करने के 21 घंटे बाद मोदी ने अपना ये स्टोल उन्हें भेज दिया. लोगों ने इसकी तारीफ भी की.
पीएम मोदी की ओर से मिले इस खास उपहार को शिल्पी तिवारी ने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया. उन्होंने ट्वीट किया, "आधुनिक भारत के कर्मयोगी से आशीर्वाद पाकर बेहद खुश हूं. पीएम मोदी हर रोज मीलों चलते हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे अपना आशीर्वाद भेजा है क्योंकि एक दिन पहले मैंने उन्हें ट्वीट कर उनका स्टोल मांगा था. क्या मैं सपना तो नहीं देख रही."गौरतलब है कि मोदी सरकार के कई मंत्री भी सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय रहते हैं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रेल मंत्री सुरेश प्रभु लोगों के ट्वीट का तुरंत जवाब देते हैं और कई मौकों पर लोगों को मदद भी पहुंचीहै. मोदी ने शुक्रवार को कोयंबटूर में महाशिवरात्रि के मौके पर ईशा योग केंद्र में शिव की 112 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था. प्रतिमा को ईशा फाउंडेशन के फाउंडर सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है. मोदी ने वासुदेव के साथ मंदिर की परिक्रमा की.



Top sources in the government said the notification is likely to be issued soon, a decision that may trigger more chaos as the scramble to banks and ATMs refuses to dissipate.


In the latest bid to contain the cash crunch, the government is likely to allow the exchange of old currency notes of Rs 500 and Rs 1000 only at the branch where a person holds her account. 


Top sources in the government said the notification is likely to be issued soon, a decision that may trigger more chaos as the scramble to banks and ATMs refuses to dissipate.

Sources said the Reserve Bank of India (RBI) is likely to issue fresh guidelines tonight on depositing the old currency. As per information, the new rules RBI would allow people to deposit the old currency in their own bank branches only.

Until now, it was permitted to deposit the old currency in any bank by submitting a proforma with a copy of their identity proof.

The decision was taken following reports that people were using their IDs to deposit money in different bank branches. 

There have been multiple revisions by the government following the November 8 decision to ban Rs 500 and Rs 1000 notes, a decision announced by Prime Minister Narendra Modi himself in a televised address.

With long queues continuing at banks and ATMs, petrol pumps were allowed on Friday to dispense Rs 2000 cash per person per day.

That came a day after the government announced a set of seven decisions pertaining to demonetization, mainly aimed at smooth sowing season ahead, including permission to farmers to withdraw up to Rs 25,000 per week and registered agri-traders Rs 50,00 per week from their bank accounts.

This apart, for families that have an upcoming wedding, one member of the household can withdraw up to Rs 250,000 one-time, subject to furnishing an undertaking that no other individual will be availing such a concession for the purpose and also upon giving the PAN card details.


Finance Minister Arun Jaitley referred to the Mallya loan issue as a "terrible legacy" which the NDA government had inherited from UPA.

The government asserted that there had been no waiver of loans extended to the likes of Vijay Mallya’s defunct airline Kingfisher that owes Rs. 7,000 crore to banks, with Finance Minister Arun Jaitley terming the loan as ‘a terrible legacy’ inherited by the NDA from the UPA.

He was responding to CPI(M) leader Sitaram Yechury’s allegation that the government was favouring “crocodiles” while “small fishes” were dying from demonetisation.

“Written off does not mean maafi.... It doesn’t mean that the loan ceases to be a loan. We will still chase the loan, the entry in the book changes from being a performing asset to a non-performing asset,” Finance Minister Arun Jaitley said on Wednesday.

"This (technical write-off) is merely an accounting entry which results in more focus and more sustained follow-up," SBI chairperson Arundhati Bhattacharya told The Hindu. "It is a technical entry which is done in order to put it in a separate account where the follow up is more robust. These accounts are only meant for recovery," she added.

“The liability to pay and the right to recover still remains,” the FM told Parliament, stressing that the loan was sanctioned when the NDA wasn’t in power and was restructured twice during the UPA’s tenure.

“Let’s put the record straight. This loan is sanctioned when this government wasn’t in power, it was restructured also when another government was in power. This is the only loan for which a second restructuring was granted by that government. So we inherited a terrible legacy,” he said.


For those who say that the new Rs. 2,000 note will fail at making it harder to hoard black or undeclared money, economist Bibek Debroy has a short answer: "Don't assume the government is stupid." He also has another health warning: "Do not assume that Indians are stupid. They will figure out ways of circumventing it (the new rules on notes), and what the government is trying to do - is preempt it."

Mr Debroy, who is a member of the NITI Aayog or the PM's Policy Commission, said that the new 2,000 rupee note is necessary because "cost wise, a higher-denomination note is more effective, the printing costs are lower and it lasts longer."

Critics of the week-old ban on 500 and 1,000 rupee notes say that the sudden removal has hit the poor hardest since they transact entirely with cash, a claim denied by Mr Debroy.

The new Rs. 500 notes were released days after the old notes were pulled from circulation; Rs.2,000 bills are are being given to account holders at banks and ATMs. Without enough Rs. 500 notes in circulation and old Rs. 100 notes running out quickly, people are left only with Rs. 2,000 notes to offer at shops. It's impossible to get any change. So what is the point of such a high-denomination note, many have asked.

"The ATM can only stock a limited number of notes...so that is the reason 1 why you need higher-denomination (Rs. 2,000), apart from 100 rupee notes. The second reason is, there's been inflation, so you do need a higher denomination note," said Mr Debroy.

Prime Minister Narendra Modi's radical move at demonetisation has been largely praised by financial experts. The government has said that the fact that the ban on the old notes was announced just four hours before they were declared invalid was essential to prevent those with black money from channeling their untaxed cash into buying assets like property or gold.

"This was an extremely, extremely secret operation. Not more than about 7 or 8 people knew about it," said Mr Debroy to NDTV. When asked if he was among them, he hinted, "Can you keep a secret? Because I can.''

The problem is that across the country, those outside the banking system have been left stranded without cash. Banks continue to witness round-the-block lines of people desperate to collect the allotted quota of new notes.

Right next to his office are the the teeming crowds outside the Reserve Bank of India; Mr Debroy has been carefully studying the crowds there and he believes that a majority of them are not trying to swap their old notes for new ones, but serving as proxies for others. That is partly why the government today said that indelible ink, the sort used for voting, will be marked on those who've collected their cash.

"Today's measure of indelible ink will take care of letting other people exchange cash,'' he said. In the first six days, over 45 billion dollars were deposited in banks as people turn in their old notes. "There is a short-term disruption in production but the gains are long term and helps cash lying around people's houses back into the system," said Mr Debroy.

NEW DELHI: Holding that people were willing to go through "temporary pain for longterm gain", the government on Monday ruled out the rollback of demonetisation+ even as PM Narendra Modi exhorted party MPs and NDA allies to combat opposition onslaught against the move.

"The PM said people of the country have supported the decision overwhelmingly but opposition parties want to sabotage it, which should be strongly countered," parliamentary affairs minister Ananth Kumar said after a meeting of the BJP parliamentary board followed by one of NDA constituents to discuss strategy for the winter session.

I&B minister Venkaiah Naidu said Modi had made it clear that there was no question of any rollback as people had strongly supported the move. "All NDA parties extended their support to the government's decision. We have feedback from constituencies, which suggest people have supported demonetisation overwhelmingly," Naidu said.

He added that the crusade against black money and corruption+ would be taken to its logical end.

Urging NDA allies to go to the people and explain the government's war against corruption, Modi asked them not to be defensive on demonetisation as people were ready to face hardships for larger gains. "He told parties that the credit for the move did not go to him personally but to all parties who had stood by the government," Naidu said.

During the NDA meeting, finance minister Arun Jaitley briefed functionaries about measures being taken to ease the cash crunch.

On the winter session and the possibility of disruptions, Naidu said the Parliament would show who were on the side of black money and who were with the government's crusade against corruption."Even rumours like salt crisis+ were discussed as vested interests are trying to derail the process," he added.

Union minister Ramvilas Paswan congratulated Modi on the "bold and decisive" demonetisation move. He said it would help bridge the rich-poor divide in the country . Paswan was followed by other allies who supported the move.

Shiv Sena, however, described demonetisation as "demonic and unsystematic" and said it had led to "financial anarchy" in the country .
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