नई दिल्ली: अज़ान विवाद में फंसे सोनू निगम ने फतवा जारी होने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सिर मुंडवा लिया है. इस मुद्दे पर मचे बवाल पर सफाई देने के लिए सोनू निगम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और उसी दौरान उन्होंने सिर मुंडवा कर सभी को चौका दियाआपको बता दें कि वेस्ट बंगाल माइनॉरिटी यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद साह अतेफ अली अल कादरी ने ये एलान किया था कि कोई व्यक्ति सोनू निगम का सिर मुंडवाएगा, फटे जूतों की माला पहनाएगा और पूरे देश में घुमाएगा तो वे उसे 10 लाख रुपए का इनाम देंगे.

सोनू निगम ने अजान विवाद पर दी सफाई
सोनू ने आज अजान विवाद पर सफाई देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. सोनू ने अपने ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अज़ान पर नहीं बल्कि लाउडस्पीकर पर सवाल उठाया था. साथ ही इस सिंगर ने ये भी साफ कर दिया है कि ऐसा बयान उन्होंने सिर्फ मस्जिदों में होने वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की वजह से नहीं बल्कि मंदिर और गुरूद्वारे के लिए भी दिया है. सोनू निगम ने कहा है कि वो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं.

आपको यहां बता रहे हैं कि सोनू निगम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा है,
मैंने अज़ान पर नहीं लाउडस्पीकर पर सवाल उठाया था. मैं नहीं चाहता कि कोई मेरी बात को गलत तरीके से ले इसलिए मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है.
मैं मुस्लिम विरोधी नहीं हूं, बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है. मेरी राय यही है कि चाहें मंदिर हो, गुरूद्वारा हो या फिर मस्जिद हो वहां पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
आप अमेरिका बनना चाहते हैं, आप ऑस्ट्रेलिया बनना चाहते हैं लेकिन वहां ऐसा नहीं होता. हर कोई कहता है कि आपको अपनी बात कहने का हक है तो ये मेरी राय है. लाउडस्पीकर धर्म का हिस्सा नहीं है. मेरे हिसाब से इसका इस्तेमाल करना गुंडागर्दी है
कोई अपने धर्म के नाम पर दादागिरी दिखाता है, लोग धर्म के नाम पर चरस पीकर नाच रहे होते हैं. ये दादागिरी नहीं है? जो लोग इसे समझ रहे हैं कि उसे इस मुद्दे को सही तरीके से पेश करना चाहिए. आपके बच्चे भी इसी माहौल में बड़े होने वाले हैं.
मैं ये नहीं मानता कि हमारा धर्म सबसे अच्छा है. मैं सारे धर्मों का सम्मान करता हूं. मुझे धर्म में विश्वास है. मैं मंदिर और गुरूद्वारे हर जगह जाता हूं. जब किसी मंदिर या मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाया जाता है तो वहां ये बताने की कोशिश की जाती है कि देखों यहां पर ये है. मेरे हिसाब से ये गुंडागर्दी है.
मैं अपने आपको सेक्युलर समझता हूं. मैं ना तो राइट विंग हूं और ना ही लेफ्ट विंग हूं. मैं जानता हूं कि मुझ जैसे लोगों की तादाद कम है. मैं जो कह रहा हूं वो आप लोगों को सही तरीके से पेश करना चाहिए. मेरे हिसाब से धर्म के नाम पर शोर मचाना गुंडागर्दी है.
कुछ गलती हुई तो मुझे माफ की जिएगा. मैंने ये बात सिर्फ समाजिक तौर पर कही है ना कि धार्मिक तौर पर. मुझे अपनी राय रखने का पूरा हक है. अगर कोई मुझसे सहमत नहीं है तो उसे कहने का भी एक तरीका है.

आपको बता दें कि सोमवार सुबह सोनू निगम ने ट्वीट किया था, ‘मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन रोज सुबह मुझे अजान की आवाज से उठना पड़ता है.’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘आखिर कब भारत से ये जबरन धार्मिक भावना थोपना खत्म होगा? वैसे जब मोहम्मद ने इस्लाम बनाया था तब बिजली नहीं थी.’ सोनू निगम ने ये भी कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई मंदिर या गुरुद्वारा बिजली का इस्तेमाल उन लोगों को जगाने के लिए करते हैं जो उस धर्म का पालन नहीं करते. तो फिर ऐसा क्यों? गुंडागर्दी है बस.’

Post a Comment

Powered by Blogger.